वाराणसी, मई 18 -- वाराणसी, मुख्य संवाददाता। मासों में सर्वोत्तम पुरुषोत्तम मास की प्रतिपदा पर काशीवासियों ने श्रीहरि के पुरुषोत्तम स्वरूप का पूजन-अर्चन कर सदाशिव को प्रसन्न कर उनकी कृपा का आशीष मांगा। मान्यता है कि पुरुषोत्तम माह में नारायण के पुरुषोत्तम स्वरूप के पूजन-अर्चन से सर्वाधिक प्रसन्नता भगवान शिव को होती है। यह भी पढ़ें- अधिक मास के पहले दिन श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकीभक्तों का आगमन शास्त्रों की मान्यता तो यह भी है कि सभी 33 कोटि देवता देवाधिदेव महादेव के नेतृत्व में पुरुषोत्तम भगवान का पूजन करते हैं। रविवार को हौजकटोरा स्थित पुरुषोत्तम मंदिर में ब्रह्म मुहूर्त से ही भक्तों के आने का क्रम आरंभ हो गया था। मंदिर तक जाने वाली तंग गली को नुक्कड़ से मंदिर तक झिलमिलाती रंगीन पन्नियों से सजाया गया है। गली में मालपुआ की अस्थाई दु...