नई दिल्ली, मार्च 5 -- अमेरिकी पनडुब्बी के हमले के बाद हिंद महासागर की गहराइयों में समाए ईरानी युद्धपोत को लेकर भारतीय नौसेना ने बचाव अभियान शुरू किया था। नौसेना द्वारा कहा गया कि इस घटना की सूचना मिलते ही भारतीय नौसेना ने तुरंत खोज और बचाव अभियान (SAR) शुरू किया। इसके तहत 4 मार्च 2026 को सुबह 10 बजे एक लंबी दूरी का समुद्री गश्ती विमान भेजा गया, ताकि श्रीलंका के नेतृत्व में चल रहे खोज अभियान में मदद मिल सके। नौसेना की तरफ से जारी बयान में कहा गया कि गश्ती जहाज को भेजने के अलावा हवा से गिराए जा सकने वाली लाइफ राफ्ट के साथ-साथ एक एयरफ्राफ्ट को भी तैयार रखा गया था। घटनास्थल के पास मौजूद आईएनएस ताराणगिनी को भी बचाव कार्य को तेजी के साथ पूरा करने के लिए भेजा गया था, हमारा यह जहाज शाम को 4 बजे घटनास्थल पर पहुंच गया था। घटना की गंभीरता को देखते ह...