सीवान, फरवरी 21 -- हसनपुरा, एक संवाददाता। प्रखंड के सहुली पंचायत के घिसनापुर गांव स्थित हनुमान मंदिर प्रांगण में आयोजित पांच दिवसीय श्रीरुद्र महायज्ञ के प्रथम दिन गुरुवार की रात अयोध्या से पधारीं प्रख्यात कथावाचिका साधना तिवारी ने माता सती के जन्म और उनके दिव्य स्वरूप का मार्मिक वर्णन कर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। व्यास पीठ पूजन के उपरांत कथा प्रारंभ करते हुए उन्होंने कहा कि माता सती का जीवन निस्वार्थ प्रेम, अटूट श्रद्धा और पतिव्रता धर्म का सर्वोच्च आदर्श है। उन्होंने बताया कि दक्ष प्रजापति के घर जन्म लेने के बाद सती ने बाल्यकाल से ही भगवान शिव को अपना सर्वस्व मान लिया था। कठोर तपस्या और अडिग भक्ति के बल पर उन्होंने महादेव को पति रूप में प्राप्त किया। कथावाचिका ने कहा कि सच्ची श्रद्धा और समर्पण से ईश्वर भी भक्त के प्रेम से बंध जाते ...
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