धनबाद, जून 14 -- चिटाही धाम स्थित श्री रामराज मंदिर में आयोजित सात दिवसीय श्रीराम कथा के पांचवें दिन शनिवार को श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। यह भी पढ़ें- माता जानकी की विदाई सुन नम हुई आंखें, राम विवाह उत्सव में झूमे श्रद्धालुकथा वाचिका का वर्णन कथा वाचिका गृषा शुक्ला ने श्रीराम विवाह के उपरांत जनकपुर से माता सीता की विदाई तथा भगवान श्रीराम के वनवास प्रसंग का मार्मिक वर्णन किया। इसे सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। कथा के दौरान उन्होंने कहा कि अमृतमयी श्रीराम कथा सुनने के बाद भी मन कभी तृप्त नहीं होता। कथा को बार-बार सुनने की इच्छा हो और सुनकर हृदय भर आये, श्रीराम कथा है। उन्होंने श्रीराम कथा को अपने कानों से नहीं सुना है, जिसके कान में श्रीराम की कथा नहीं गई है। उसका कान सांप के बिल के समान है। जितना हो सके श्रीराम कथा का श्रवण कीजिए। कलिय...