रायबरेली, दिसम्बर 19 -- रायबरेली। सुनिये कथा रघुनाथ की अनुष्ठान के छठवें दिन कथा व्यास गोवन्द भाई ने राम के वनगमन का बड़ा मार्मिक चित्रण किया। उन्होनें कैकेयी के कोप भवन जाने और दशरथ से वर मांगने के प्रसंग का भी वर्णन किया। उन्होनें कहा कि भगवान श्रीराम स्वयं भी चाहते थे कि वे अभी राजा न बनें, क्योंकि उनका अवतार ही विप्र, सुर, धेनु की रक्षा के लिए हुआ था।
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