बलिया, फरवरी 28 -- रसड़ा, हिन्दुस्तान संवाद। सुल्तानीपुर गांव में चल रहे नौ दिवसीय नौकुंडीय सहस्र चंडी महायज्ञ के सातवें दिन शुक्रवार को देर शाम को श्रीराम कथा के मार्मिक प्रसंग ने श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर कर दिया। अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कथा वाचिका पंडित गौरांगी गौरी ने भगवान श्रीराम के वनगमन प्रसंग का मार्मिक वर्णन करते हुए केवट प्रसंग को अत्यंत जीवंत शैली में प्रस्तुत किया। इसे सुनकर उपस्थित जनसमूह भाव विभोर हो गये। प्रभु राम केवट संवाद में केवट का अन्यय प्रेम और प्रभु राम की विनम्रता प्रकट होती है। केवट प्रभु राम के पांव पखारने की इच्छा व्यक्त करते हुए कहता है कि मैं बिना पांव पखारे नाव में आपको नहीं बैठाऊंगा, क्योंकि मुझे डर है कि कहीं प्रभु राम के पांव के धूल से मेरी नाव भी नारी ना बन जाए। केवट प्रभु राम के कोमल चरणो...
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