श्रीराम को हुआ वनवास तो अयोध्या में छाया शोक
प्रतापगढ़ - कुंडा, मार्च 24 -- गौरा। फतनपुर बाजार आदर्श शिव समिति के तत्वावधान में चल रही राम कथा के छठवें दिन मंगलवार को नितेश मिश्र ने भगवान श्रीराम के वनवास, राजा दशरथ के निधन और भरत के अद्भुत प्रेम का वर्णन किया। पिता के वचन पालन के लिए श्रीराम ने सहज भाव से 14 वर्ष का वनवास स्वीकार किया। जिससे अयोध्या में शोक की लहर फैल गई। पुत्र वियोग में राजा दशरथ ने प्राण त्याग दिए। वहीं भरत ने अयोध्या लौटकर जब यह समाचार सुना तो वे अत्यंत व्यथित हुए और उन्होंने सिंहासन स्वीकार करने से इनकार कर दिया। भरत ने अपने बड़े भाई श्रीराम के प्रति अटूट प्रेम और त्याग का उदाहरण प्रस्तुत करते हुए उनकी चरण पादुका को राजगद्दी पर स्थापित कर स्वयं तपस्वी जीवन अपनाया। कथा सुनकर उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर हो गए। इस दौरान राजेश त्रिपाठी, प्रमिला मिश्रा, उमेश मिश्र, सु...
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