बलिया, मार्च 19 -- नगरा, हिन्दुस्तान संवाद। रामनवमी के उपलक्ष्य में नगर के पुरानी दुर्गा मंदिर परिसर में चल रहे नौ दिवसीय श्रीराम कथा के के पहले दिन बुधवार को प्रयागराज से आए कथा वाचक विजय कौशिक महाराज ने श्रोताओं को बताया कि सहस्रों वर्ष पूर्व प्रभु श्रीराम द्वारा प्रस्तुत जीवन चरित्र और शिक्षाएं आधुनिक युग में भी उतनी ही प्रासंगिक है। यह आज भी हमें सफल जीवन जीने का मर्म सिखाती हैं।कथा को गति देते हुए कौशिक ने बताया कि श्रीराम ने धार्मिक पथ का अनुसरण करते हुए अपने जीवन में हर पग सत्य और धर्म अनुकूल उठाया। अपने पिता द्वारा दिए गए वचन का मान रखने हेतु उन्होंने अयोध्या के राजसिंहासन का त्याग कर दिया। सूर्यवंशी राजा होते हुए भी उन्होंने निःसंकोच मां शबरी के जूठे बेर खाकर यह सिद्ध किया कि भक्ति मार्ग पर जात-पात कोई महत्व नहीं रखता। केवल शुद्ध...
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