वाराणसी, मई 21 -- वाराणसी, मुख्य संवाददाता। जिसका कोई नहीं होता उसके परमात्मा होते है। यही कारण है कि भगवान दीनबंधु कहे गए। वहीं जो कार्य कोई नहीं कर सकता उसे ही करने के लिए ही एकादश रुद्रावतार हनुमान धराधाम पर आए।ये बातें कथा व्यास संजय प्रभु दास ने कहीं। वह भगेलू साव स्मृति सेवा समिति एवं केसरवानी वैश्य नगर सभा के संयुक्त तत्वावधान में सारंग तालाब चौराहा स्थित ठाकुरजी की बगिया में आयोजित श्रीराम चरित मानस मास परायण कथा प्रेमयज्ञ में बुधवार को प्रवचन कर रहे थे। पुरुषोत्तम पर हो रहे आयोजन में उन्होंने कहा कि मानस के सुंदरकांड में हनुमानजी की महिमा का बखान है। यह भी पढ़ें- रामकथा की अमृतधारा में सराबोर श्रद्धालु उन्होंने रामकाज के लिए ही अवतार लिया है। उनकी भक्ति और समर्पण को सभी भक्तों को अपने जीवन मे उतारने की सीख लेनी चाहिए। भरत और हनुम...