शामली, जून 22 -- शामली। शहर स्थित हनुमान धाम मंदिर में श्रीराम लखन सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित श्रीराम कथा के दूसरे दिन कथा व्यास दीपक महाराज ने माता सीता के दिव्य प्राकट्य और उनके जीवन से जुड़े प्रसंगों का विस्तार से वर्णन किया। कथा व्यास ने कहा कि माता सीता के जन्म के संबंध में वाल्मीकि रामायण, रामचरितमानस तथा विभिन्न पुराणों में अलग-अलग कथाएं मिलती हैं, लेकिन सबसे अधिक प्रचलित मान्यता यह है कि वे भूमिजा अर्थात पृथ्वी से प्रकट हुई थीं। उन्होंने बताया कि मिथिला नरेश राजा जनक यज्ञ के लिए भूमि जोत रहे थे। उसी दौरान हल की नोक से भूमि फटी और उसमें से एक दिव्य कन्या प्रकट हुई। यह भी पढ़ें- श्रीराम कथा जीवन को सही दिशा देने का माध्यम : दीपक महाराज राजा जनक ने उसे ईश्वर का वरदान मानकर अपनी पुत्री के रूप में स्वीकार किया और उसका नाम सीता र...