मेरठ, दिसम्बर 12 -- मुंड़ाली नंगलामल स्थित आदि गुरु शंकराचार्या गुरुकुल आश्रम में चल रही 9 दिवसीय श्री राम कथा के चौथे दिन गुरुवार को वाचक मुकेश महाराज ने भक्तों को श्रीराम की बाल लीलाओं का प्रसंग सुनाया। कथा वाचक मुकेश महाराज ने भक्तों को बताया कि श्रीराम की बाल लीला प्रभु के बचपन की मनमोहक और आनंदमयी लीलाओं का वर्णन है। जिसमें वे माता-पिता, भाइयों और सखाओं के साथ खेलते है। गुरुजनों का सम्मान करते और ताड़का जैसे राक्षसों का संहार कर धर्म की स्थापना करते हैं, जो उनकी विनम्रता, आज्ञाकारिता और दैवीय स्वरूप को दर्शाती हैं। इन लीलाओं में वे ठुमुकु ठुमुकु चलते, पालने में झूले और माता कौशल्या को अपना विराट रूप दिखाकर चकित करतें। जिससे भक्तजन भाव-विभोर हो जाते हैं। कथा में आश्रम संस्थापक स्वामी दीपक ज्ञानानंद महाराज ने भक्तों को प्रसाद वितरित किया...
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