श्रीराम कथा में बही भक्ति की धारा
मेरठ, जून 18 -- लल्लू सिंह फार्म हाउस में आयोजित श्री राम कथा के तीसरे दिन की कथा वाचक ने राम जन्मोत्सव प्रसंग सुनाते हुए बताया जब भगवान प्रगट हुए, तो देवता भी आकाश से पुष्प वर्षा करने लगे। अयोध्या में चारों ओर उमंग का माहौल बन गया। कहा जो जितना भजन में स्वार्थी हो जाता है संसार के व्यवहार में परमार्थी हो जाता है। कथावाचक शांतनु महाराज ने बाल लीलाओं का श्रवण कराते हुए उनके रूप दर्शन का वर्णन किया।
नामकरण संस्कार नामकरण संस्कार की चर्चा करते हुए महाराज श्री ने कहा कि नाम संतों, बड़े बुजुर्गों और विद्वानों से पूछ कर ही रखना चाहिए, क्योंकि हमारे यहां पुरानी कहावत है यथा नाम तथा गुणः नाम से ही बालक में किस प्रकार के गुणों का निर्माण होने लगता है। इसीलिए वशिष्ठ जी ने चारों भाइयों का नामकरण विशेष प्रकार से किया। भगवान भाइयों के सहित गुरुकुल मे...
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