मऊ, मार्च 1 -- दोहरीघाट, हिन्दुस्तान संवाद । ब्लॉक क्षेत्र के गोंठा हनुमान गढ़ी पर चल रहीं सात दिवसीय श्रीराम कथा का समापन शनिवार की देर शाम रामराज्याभिषेक के साथ हो गया। प्रभु श्रीराम को प्रथम तिलक बाल व्यास रामाश्रय रामायणी ने किया, इसके बाद ब्लॉक प्रमुख प्रदीप कुमार राय राजू आरती उतारी। इस दौरान पूरा परिसर जय श्रीराम के जयघोष से गूंज उठा। अंतिम दिन बाल व्यास रामाश्रय रामायणी जी ने कथा में सुनाया कि रामायण और उसके प्रमुख पात्र श्रीराम से जुड़ी कथाएं प्राचीन काल से ही भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग रही हैं। संपूर्ण भारत में शायद ही कोई ऐसा क्षेत्र हो जहां श्रीराम से जुड़ी कथाएं प्रचलित न हों। कहा कि राम हमारी स्मिता है, हमारी संस्कृति है और हमारी पहचान है। साथ ही हमारे संस्कार भी है। जैसे जल बिनु मछली नही रह सकती, उसी तरह राम बिना हम नही ...
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