बांका, जून 10 -- बांका, नगर प्रतिनिधि। शहर के महावीरनगर मोहल्ला स्थित महावीर स्थान प्रांगण में आयोजित श्रीश्री 108 श्रीराम कथा नवाह ज्ञान महायज्ञ के पांचवें दिन श्रद्धालु भगवान श्रीराम की बाल-लीलाओं के रस में सराबोर हो गए। कथा व्यास परम पूज्य ओमप्रकाश जी महाराज ने भगवान श्रीराम के नामकरण संस्कार, महर्षि विश्वामित्र के आगमन, ताड़का वध तथा अहिल्या उद्धार प्रसंग का अत्यंत मार्मिक एवं आध्यात्मिक वर्णन किया।

कथा का सार कथा के दौरान महाराज श्री ने कहा कि, मानव जीवन स्वयं एक यज्ञ है और हमारी इन्द्रियां उसके यज्ञ-द्वार हैं।जब मनुष्य अपनी इन्द्रियों का सदुपयोग करते हुए धर्म, सत्य और सदाचार के मार्ग पर चलता है, तभी उसका जीवन सफल और सार्थक बनता है। कथा के दौरान उन्होंने कहा कि, भगवान राम सत्य के प्रतीक हैं, जबकि लक्ष्मण विवेक के स्वरूप हैं। यदि मनु...