बलरामपुर, मार्च 22 -- गैसड़ी, संवाददाता। श्री मुक्तेश्वर महादेव मंदिर जनकपुर में आयोजित श्रीराम कथा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। कथा के तीसरे दिन नेपाल से आए सैकड़ों श्रद्धालुओं ने पीर रतन नाथ योगी के विश्राम स्थल के साथ कथा का श्रवण कर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त किया। कथावाचक संत सर्वेश महाराज ने कथा में माता पार्वती के जन्म और तपस्या का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि राजा हिमाचल और माता महीना के घर जन्मी कन्या का नाम गर्गाचार्य ने उमा रखा। युवावस्था में उमा ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या की। उनकी 4100 वर्षों की तपस्या से प्रसन्न होकर ब्रह्मा जी ने वरदान दिया कि उनका विवाह भोलेनाथ से ही होगा। उन्होंने आगे बताया कि राजा हिमाचल ने नारद जी को विवाह प्रस्ताव लेकर भेजा और जब भगवान शिव ने विवाह स्वीकार किया, तब भव्य बार...