गोरखपुर, सितम्बर 8 -- गोरखपुर। तारामंडल स्थित उर्वी रिसॉर्ट में चल रही श्रीराम कथा के दूसरे दिन कथाव्यास आचार्य धीरज कृष्ण याज्ञवल्क्य-भारद्वाज संवाद और माता सती के प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया। कहा कि श्रीराम कथा मनुष्य को सत्य, मर्यादा, प्रेम और भक्ति का मार्ग दिखाती है। कहा कि भगवान श्रीराम के स्वरूप को समझने के लिए श्रद्धा और भक्ति आवश्यक है। सती प्रसंग ने पंडाल में मौजूद श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। कथा के दूसरे दिन के मुख्य यजमान महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव व सह यजमान ज्योतिष आचार्य डॉ. मनीष मोहन रहे। कथा में आचार्य विजय कौशल महाराज, आचार्य अविनाश मिश्रा, समाजसेवी मनजीत श्रीवास्तव बाबू, हिमांशु मिश्रा, संतोष त्रिपाठी, सर्वेश दुबे, गोलू सिंह, अवधेश चन्द, उपमन्यु त्रिपाठी उर्फ निप्पु तिवारी, प्रभाकर दुबे, अविनाश, संतोष त्रिपाठी,...