बिजनौर, जनवरी 7 -- नगर में आयोजित सात दिवसीय श्री राम कथा के पांचवें दिन कथाव्यास राजकुमार सुदर्शन ने श्रद्धालुओं को मित्रता और पितृभक्ति के आदर्शों से सराबोर कर दिया। श्री राम और सुग्रीव की मित्रता का प्रसंग सुनाया। बुधवार को श्री चामुंडा धाम में आयोजित कथा के दौरान राजकुमार सुदर्शन ने कहा कि संसार में उपकार ही मित्रता का असली फल है। जो मित्र एक-दूसरे के सुख-दुख में सहभागी बनकर एक-दूसरे का भला करते हैं, वही सच्चे मित्र कहलाते हैं। उन्होंने श्री राम और सुग्रीव की मित्रता का प्रसंग सुनाया। जिस प्रकार श्रीराम ने सुग्रीव के कष्टों को दूर कर उन्हें मुक्ति दिलाई। माता-पिता की आज्ञा का पालन ही सबसे बड़ा धर्म है। माता पार्वती के तप के प्रसंग को भी विस्तार से सुनाया। इस अवसर पर अशोक चंद्र, राकेश अग्रवाल, अरविंद जोशी, प्रदीप अग्रवाल, मुकेश गुप्ता,...
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