विकासनगर, अप्रैल 16 -- सेलाकुई, संवाददाता। बायां खाला के करणी मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा का समापन गुरुवार को भक्ति, भाव और उल्लास के वातावरण में हुआ। कथा के अंतिम दिन कथावाचक ने सुदामा चरित्र और परीक्षित मोक्ष का मार्मिक प्रसंग सुनाकर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। सुदामा चरित्र का वर्णन करते हुए उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की सच्ची मित्रता, त्याग और प्रेम का भावपूर्ण चित्रण किया। रास पंचायत और गोपी लीला का गूढ़ आध्यात्मिक विवेचन प्रस्तुत किया। कथा व्यास प्रभाकर पंत ने कहा कि रास पंचाध्यायी योगमाया की वह लीला है, जिसमें भगवान का प्रेम सृष्टि-उद्धार का माध्यम बनता है। भागवत ग्रंथ में राधारानी का प्रत्यक्ष नाम नहीं मिलता, परंतु यह निर्विवाद सत्य है कि भगवान कृष्ण ने राधा के साथ ही रास किया। राधा-माधव एक ही ज्योति के दो स्वरू...