उरई, मार्च 23 -- उरई। कुठौन्दा के रामनरेश द्विवेदी द्वारा आयोजित सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का समापन 23 मार्च को भंडारे के साथ हुआ। आयोजन 16 मार्च से पूर्वजों की आत्मशांति एवं परिवार की सुख-समृद्धि की कामना के साथ प्रारंभ हुआ था। व्यास पं. राममोहन शास्त्री ने प्रवचनों में श्रीकृष्ण जन्म, रासलीला और सुदामा चरित्र का मार्मिक वर्णन किया। उन्होंने बताया कि भगवान का अवतार धर्म की रक्षा और अधर्म के नाश के लिए होता है। रासलीला को आत्मा और परमात्मा के मिलन की दिव्य लीला बताया और इसके गलत अर्थ निकालने से बचने की अपील की। समापन अवसर पर संत-महंतों का अंगवस्त्र देकर सम्मान किया गया।कार्यक्रम में क्षेत्र के अनेक गणमान्य लोग व सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे, जिन्होंने भक्ति भाव से प्रसाद ग्रहण किया।

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