वाराणसी, अप्रैल 13 -- वाराणसी, मुख्य संवाददाता। जगद्गुरु वल्लभाचार्य प्राकट्य महोत्सव में रविवार को पुरुषोत्तम सहस्त्रनामावली के 1008 नाम से तुलसी समर्पण हुआ। शुद्धाद्वैत जप यज्ञ समिति के तत्वावधान में चौखंभा स्थित वल्लभ गीता श्रीकृष्ण भवन में पं. विकास दीक्षित के आचार्यत्व में वैष्णवों ने श्रीमद्भागवत पर तुलसीदल समर्पित किए। इस मौके पर कथा व्यास पं.चंदनकृष्ण शास्त्री ने कहा कि महाप्रभु श्रीवल्लभ ने भूतल पर प्रकट होकर श्रीमद् भागवत का प्रथम पारायण काशी के जतनबर (विश्वेश्वरगंज) क्षेत्र में ही किया था। 535 वर्ष पूर्व इस पारायण में महादेव बाबा विश्वनाथ एवं कालभैरव उनकी कथा में साक्षात पधारे थे। भागवत कथा के माध्यम से महाप्रभु ने भारतवर्ष के सभी वर्गों को एक सूत्र में पिरोया। कथा के माध्यम से देश की अखंडता एकता स्थापित की। काशी महाप्रभु की कर...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.