भागलपुर, जून 10 -- कहलगांव, निज प्रतिनिधि। कलियुग में श्रीमद्भागवत कथा मानव जीवन के आध्यात्मिक उत्थान और मोक्ष प्राप्ति का सर्वोत्तम साधन है। कथा श्रवण से मनुष्य के पाप नष्ट होते हैं। जीवन में भक्ति, ज्ञान और वैराग्य का संचार होता है। उक्त बातें कहलगांव नगर में स्थित रूंगटा धर्मशाला में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के प्रथम दिन कथाव्यास स्वामी बाल प्रभु महाराज ने कही। कथा का शुभारंभ वैदिक रीति-रिवाजों एवं मंत्रोच्चारण के साथ दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। कथाव्सास ने श्रीमद्भागवत कथा की महत्ता पर विस्तार से प्रकाश डाला। श्रद्धालुओं से नियमित रूप से कथा श्रवण कर भगवान के प्रति समर्पण भाव विकसित करने का आह्वान किया। यह भी पढ़ें- श्रीमद्भागवत श्रवण से होता आध्यात्मिक उत्थान : स्वामी बाल प्रभु कथास्थल पर सैकड़ों श्रद्धालुओं की ...