इटावा औरैया, मई 6 -- इटावा, संवाददाता। नगला बनी में चल रही श्रीमद् भागवत महापुराण की कथा में दीप कृष्ण जी महाराज ने वट सावित्री व्रत में पतिव्रता स्त्री की महिमा बताई। सृष्टि का विस्तार की कथा सुनाई । शुकदेव जी परीक्षित जी का मिलन, सृष्टि का विस्तार की कथा सुनाई।उन्होंने कहा कि मनु शतरूपा से हमारी सृष्टि हुई है। हम सभी को मनुष्य क्यों कहते हैं क्योंकि हम सभी मनु महाराज की संतान हैं। इसलिए हम सभी को मनुष्य कहा जाता है। मनु जी की तीन कन्याएं आकूती, देवहूती, प्रसूती दो पुत्र प्रियव्रत और उत्तानपाद के बारे में बताया गया। देवहूति का विवाह ऋषि कर्दम जी के साथ हआ।कर्दम जी के नौ कन्याएं हुई और दसवें नंबर पर भगवान स्वयं कपिल जी के रूप में आई। नो कन्याएं नवधा भक्ति हैं और जब नवधा भक्ति किसी के जीवन में आती हैं तो फिर बाद में भगवान को आना ही पड़ता ह...