देवरिया, अप्रैल 9 -- बैतालपुर(देवरिया), हिन्दुस्तान टीम। क्षेत्र के जमुना गांव में चल रहे श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन बुधवार को कथा वाचक डॉ. रामजी लाल शर्मा ने श्रद्धालुओं को जड़भरत व सप्त द्वीप कथा का रसपान कराया। कहा कि यज्ञ और राष्ट्र रक्षा के लिए किया गया हिंसा भी धर्म होता है। एक बार भद्रकाली को बली चढ़ाने हेतु डाकुओं ने जड़ भरत को पकड़ लिया, लेकिन जड़ भरत निश्चिन्त भव से भगवान का स्मरण करते रहे। उनकी भक्ति देखकर भद्रकाली को प्रकट होना पड़ा। डाकूओं की तलवार जैसे ही जड़भरत के गर्दन काटने के लिए उठी, भद्रकाली प्रतिमा से बाहर प्रकट हो गईं। क्रोधित भद्रकाली ने सभी डाकूओं का वध कर दिया और अपने भक्त के प्राण की रक्षा की। इस दौरान मुख्य यजमान अवधवीर मणि त्रिपाठी, धर्मवीर मणि त्रिपाठी, रामकरण मणि, बसंत मणि त्रिपाठी, संजय मणि त्रिपाठी, एडोकेट र...
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