उरई, मार्च 14 -- जालौन। संवाददाता नगर के एकमात्र सरस्वती मंदिर में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत पुराण कथा में पांचवे दिन भगवताचार्य बजरंगी महाराज ने श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं वर्णन किया। श्रीमद्भागवत कथा के पांचवे दिन भगवताचार्य नैमिषारण्य धाम से पधारे बजरंगी महाराज ने कहा कि सदा सुख केवल भगवान के चरणों में है। भागवत कथा से कल्याणकारी और कोई भी साधन नहीं है इसलिए व्यस्त जीवन से समय निकालकर कथा को आवश्यक समय देना चाहिए। वैसे तो भगवान विष्णु ने अभी तक तेईस अवतारों को धारण किया। इन अवतारों में उनके सबसे महत्वपूर्ण अवतार श्रीराम और श्रीकृष्ण के ही माने जाते हैं। श्रीकृष्ण का जन्म राजा यदु कुल के वंश में हुआ था। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन की गाथा का विस्तारपूर्वक वर्णन किया। साथ ही उन्होंने श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का भी वर्णन किया। कथा म...