संभल, मार्च 2 -- गैस गोदाम रोड की धर्मशाला में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के दूसरे दिन भगवान शंकर द्वारा पार्वती को कथा सुनने के प्रसंग का वर्णन किया गया। इसे सुनकर श्रद्धालु मंत्र मुग्ध हो उठे। कथा वाचक कृष्णकांत शास्त्री ने बताया कि एक बार भगवान शिव ने माता पार्वती को अमर कथा सुनाई। कथा सुनाते समय भगवान शंकर ने माता पार्वती से वचन लिया कि जब तक कथा पूरी नहीं होगी तब तक वह सोएंगी नहीं, लेकिन कथा सुनते-सुनते माता पार्वती को नींद आने लगी और वह सो गई । इसके बावजूद भगवान शंकर ने अपनी अमर कथा सुनना जारी रखा। इसी बीच वहां बैठे एक कबूतर के जोड़े ने माता पार्वती की तरह हुंकार लगाते हुए कथा पूरी सुनी। कहते हैं कि इस कारण वह कबूतर का जोड़ा अमर हो गया । कथा व्यास ने कहा किसी में भागवत कथा सुनने से सभी का उद्धार होता है और यह मोक्ष का द्वार है । कथा म...