सिद्धार्थ, मार्च 7 -- डुमरियागंज। क्षेत्र के जाखौलीं गांव में चल रहे नव दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के दौरान गुरुवार की रात अयोध्या से आये कथावाचक आचार्य हरिवेन्द्र त्रिपाठी ने बताया कि भागवत कथा का महत्व हमारे जीवन में बहुत महत्वपूर्ण स्थान रखता है। कथावाचक ने कहा कि भगवान प्रेम के भूखे होते हैं। श्रद्धा भाव से ईश्वर की आराधना करने से मनोकामना अवश्य पूर्ण होती है। कथावाचक ने श्रीमद् भागवत कथा के बारे में बताया की श्रीमद्भागवत कथा कार्यक्रम केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि जीवन जीने की कला सिखाने वाला ज्ञान का सागर है। यह मन की शुद्धि, शांति, पापों का नाश और ईश्वर के प्रति प्रेम भक्ति जगा कर मोक्ष का मार्ग दिखाती है। इस अवसर पर अंगद पाण्डेय , हरिप्रसाद श्रीवास्तव, राजकुमार पाण्डेय,, छोटे पाण्डेय, मुकेश श्रीवास्तव , विश्वनाथ श्रीवास्तव, शेष राम...
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