देहरादून, जून 10 -- भवन श्री कालिका माता समिति के तत्वावधान में बाल योगी सर्वदास महाराज के उपासना पर्व के उपलक्ष में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के प्रथम दिवस पर नेमिषारण्य धाम से पधारे भागवताचार्य संत उपेंद्रानंद सरस्वती महाराज ने श्रद्धालुओं को भागवत महापुराण का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत वेद, पुराण और उपनिषदों का सार है। जिस प्रकार जंगल में सिंह की गर्जना सुनकर सभी जीव-जंतु भयभीत हो जाते हैं, उसी प्रकार श्रीमद्भागवत के श्लोकों का श्रवण करते ही मनुष्य के पाप नष्ट हो जाते हैं। उन्होंने बताया कि श्रीमद्भागवत में 12 स्कंध, 335 अध्याय और 18 हजार श्लोक हैं। कथा श्रवण से भक्ति, ज्ञान और वैराग्य की जागृति होती है तथा धुंधकारी जैसे पापी का भी उद्धार हो जाता है। यह भी पढ़ें- श्रीमद्भागवत कथा श्रवण से मनुष्य के सभी पाप होते हैं दूर : उ...