श्रीमद्भागवत कथा श्रवण से भक्ति का भाव जागृत होता है: गोपिका
रांची, सितम्बर 21 -- रांची, प्रमुख संवाददाता। वृंदावन से आईं कथावाचक साध्वी गोपिका ने कहा कि श्रीमद्भागवत केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि मानव जीवन को सत्य, धर्म, भक्ति, सदाचार और आत्मज्ञान की दिशा प्रदान करने वाला दिव्य ग्रंथ है। इसके श्रवण से मनुष्य के भीतर भक्ति, विवेक और वैराग्य का भाव जागृत होता है। कथावाचक सोमवार को पुंदाग में श्रीराधा कृष्ण प्रणामी मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के दूसरे दिन व्यास पीठ से प्रवचन कर रहीं थीं। सुखदेव जी के जन्म प्रसंग के माध्यम से उन्होंने बताया कि संसार में रहते हुए भी मनुष्य को मोह-माया से ऊपर उठकर परमात्मा की भक्ति और सत्य के मार्ग को अपनाना चाहिए। उनका जीवन का प्रसंग यह संदेश देता है कि वास्तविक ज्ञान वही है, जो मनुष्य को अहंकार, मोह और सांसारिक बंधनों से मुक्त कर परमात्मा के चरणों की ओर ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.