श्रीमद्भागवत कथा में हुआ सती और ध्रुव चरित्र के प्रसंग का वर्णन
इटावा औरैया, जून 30 -- जसवंतनगर। बलरई नहर पुल के पास विकास नगर मोहल्ले में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में तीसरे दिन कथा व्यास अतुल कृष्ण त्रिपाठी ने सती प्रसंग और ध्रुव चरित्र का भावपूर्ण वर्णन कर श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर कर दिया। कथा व्यास ने कहा कि भागवत पुराण में वर्णित सती प्रसंग त्याग, आत्मसम्मान और भगवान के प्रति समर्पण का संदेश देता है। उन्होंने बताया कि माता सती ने अपने पिता दक्ष द्वारा भगवान शिव के अपमान को सहन न करते हुए योगाग्नि में स्वयं को समर्पित कर दिया था। यह प्रसंग मानव जीवन में आत्मसम्मान और धर्म के प्रति निष्ठा की प्रेरणा देता है। इसके बाद उन्होंने बालक ध्रुव की कथा का वर्णन करते हुए कहा कि दृढ़ संकल्प, कठोर तपस्या और भगवान के प्रति अटूट आस्था से असंभव को भी संभव बनाया जा सकता है। क्षेत्रीय विधायक शिवपाल सिंह याद...
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