अमरोहा, मार्च 13 -- हसनपुर। क्षेत्र के गांव हथियाखेड़ा में चल रही सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के अंतिम दिन गुरुवार को कथा व्यास पंडित मोहित भारद्वाज ने सुदामा चरित्र का वर्णन किया। बताया कि मित्रता कैसे निभाई जाए, यह भगवान श्री कृष्ण व सुदामा से समझ सकते हैं। उन्होंने बताया कि सुदामा अपनी पत्नी के आग्रह पर मित्र कृष्ण से मिलने द्वारिका पहुंचे। द्वारपालों ने सुदामा को भिक्षा मांगने वाला समझकर रोक दिया। तब उन्होंने कहा कि वह कृष्ण के मित्र हैं। इस पर द्वारपालों ने प्रभु से कहा कि कोई उनसे मिलने आया है और अपना नाम सुदामा बता रहा है। जैसे ही द्वारपाल के मुंह से उन्होंने सुदामा का नाम सुना प्रभु सुदामा, सुदामा कहते हुए तेजी से द्वार की तरफ भागे। सामने सखा को देख उन्होंने सुदामा को सीने से लगा लिया। सुदामा ने भी कन्हैया, कन्हैया कहकर उन्हें अप...