अमरोहा, मार्च 12 -- क्षेत्र के गांव हथियाखेड़ा में चल रही सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के छठे दिन बुधवार रात कथा व्यास पंडित मोहित भारद्वाज ने श्री कृष्ण रुक्मणी विवाह का प्रसंग सुनाया। भगवान श्री कृष्ण की दिव्य लीला और महारास का वर्णन सुन श्रद्धालु भाव विभोर हो उठे। कथा व्यास ने बताया कि श्री कृष्ण लीलामृत में जीवात्मा का परमात्मा तत्व व ब्रह्म के मिलन को ही महारास कहते हैं। कथा व्यास ने कहा जब जीव में अभिमान आता है, तब वह भगवान से दूर हो जाता है। लेकिन जब कोई भगवान के अनुराग के विरह में होता है तो श्री कृष्णा उस पर अनुग्रह करते हैं, उसे दर्शन देते हैं।भगवान श्री कृष्ण रुक्मणी विवाह का प्रसंग सुनाते हुए बताया कि भगवान श्री कृष्ण का प्रथम विवाह विदर्भ देश के राजा की पुत्री रुक्मणी के साथ संपन्न हुआ। रुक्मणी स्वयं साक्षात लक्ष्मी हैं और वह...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.