अमरोहा, मई 12 -- हसनपुर, संवाददाता। क्षेत्र के गांव उधनपुर में चल रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन मंगलवार को कथा वाचक देव कृष्ण महाराज ने ध्रुव चरित्र का वर्णन सुनाया। भजन-कीर्तन का गायन भी किया गया।कथा वाचक ने प्रवचन करते हुए बताया की राजा उत्तानपाद के पुत्र ध्रुव को अपनी सौतेली माता सुरुचि के द्वारा अपमानित किया गया। जब वह अपने पिता की गोद में बैठना चाहते थे तो सौतेली माता के कठोर वचनों ने बालक ध्रुव के हृदय को आहत कर दिया। दुखी होकर जब ध्रुव अपनी माता सुनीति के पास पहुंचे तब माता ने उन्हें भगवान की शरण में जाने का मार्ग बताया। माता के उपदेश से प्रेरित होकर मात्र पांच वर्ष की आयु में ध्रुव वन की ओर निकल पड़े। मार्ग में देव ऋषि नारद मुनि ने ध्रुव को समझने का प्रयास किया लेकिन ध्रुव के अटल संकल्प को देखकर उन्हें ओम नमो भगवते ...