अमरोहा, मार्च 8 -- हसनपुर। क्षेत्र के गांव हथियाखेड़ा में चल रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत महापुराण के दूसरे दिन शनिवार रात कथावाचक मोहित भारद्वाज ने धुंधकारी की कथा का वर्णन बड़े ही मार्मिक रूप से किया ।कथा व्यास ने बताया कि धुंधली और आत्मदेव निःसंतान थे। धुंधली ने अपनी बहन के पुत्र धुंधकारी को गोद लिया। इसी दौरान उनकी गाय ने एक पुत्र को जन्म दिया, जिसका नाम गोकर्ण रखा गया। गोकर्ण ज्ञान में पारंगत था। वहीं, धुंधकारी दुष्ट और पापी स्वभाव का था।धुंधकारी के बुरे कर्मों के कारण उसे प्रेत योनि में जन्म लेना पड़ा। हालांकि, भागवत कथा का श्रवण करने से उसे मोक्ष की प्राप्ति हुई। इस मौके पर ननुआ सिंह, जगदीश सिंह ठेकेदार, मास्टर पूरन सिंह, ओमपाल सिंह, डोरी लाल, राजू सिंह, दयाराम सिंह, शेर सिंह आदि भक्त मौजूद रहे।
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