कन्नौज, मई 18 -- तालग्राम, संवाददाता। क्षेत्र के कुशलपुरवा गांव स्थित मां नारायणी देवी मंदिर परिसर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन सोमवार को कथावाचक संजय शास्त्री ने सत्यवादी राजा हरिश्चंद्र की मार्मिक कथा का वर्णन किया। कथा सुन श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।

राजा हरिश्चंद्र का त्याग कथावाचक संजय शास्त्री ने कहा कि राजा हरिश्चंद्र भारतीय संस्कृति में सत्य, वचनबद्धता और त्याग के सर्वोच्च प्रतीक माने जाते हैं। उन्होंने बताया कि सत्य की रक्षा के लिए राजा हरिश्चंद्र ने अपना राजपाट तक त्याग दिया था और कठिन परिस्थितियों में भी अपने धर्म व कर्तव्य से पीछे नहीं हटे। कथा के दौरान उन्होंने प्रसंग सुनाते हुए बताया कि एक समय राजा हरिश्चंद्र श्मशान में अंतिम संस्कार कराने और कर वसूलने का कार्य कर रहे थे। इसी बीच उनके पुत्र रोहिताश्व की सर्पदंश से...