सिद्धार्थ, नवम्बर 25 -- बिस्कोहर, हिन्दुस्तान संवाद। नगर पंचायत बिस्कोहर के फूलपुर राजा में चल रहे श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन रविवार की रात अयोध्या से आए कथावाचक आचार्य रामजस दास ने साधना, आयु और भक्ति के संबंध पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति लंबी आयु चाहता है उसे नियमित रूप से आसन और प्राणायाम करना चाहिए। उनके अनुसार साधना से इंद्रियां संयमित रहती हैं और मन स्थिर होता है। उन्होंने कहा कि भगवान भाव और प्रेम से ही प्रसन्न होते हैं। उन्होंने बताया कि विदुर दासी पुत्र थे, फिर भी भगवान श्रीकृष्ण ने दुर्योधन के वैभव को छोड़कर विदुर के घर स्नेहवश केले के छिलके तक स्वीकार किए। कथावाचक ने कश्यप ऋषि की 13 पत्नियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि बड़ी पत्नी दिती के संतान न होने पर उन्होंने कश्यप से पुत्र की कामना की। उस समय संध्या का ...
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