औरैया, मई 4 -- अछल्दा, संवाददाता। विकासखंड अछल्दा के गांव दिलीपपुर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन भक्त प्रहलाद और हिरण्यकश्यप की कथा का मार्मिक वर्णन किया गया। कथा वाचक हरभजन दास महाराज ने अपने प्रवचन से श्रद्धालुओं को भक्ति और धर्म के महत्व से अवगत कराया, जिसे सुनकर उपस्थित श्रोता भाव-विभोर हो उठे। सोमवार को आयोजित ज्ञान सप्ताहिक श्रीमद्भागवत कथा में कथावाचक ने कहा कि संतान को सही मार्ग पर चलाने में माता की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। संतान का लगाव मां से अधिक होता है, इसलिए मां का कर्तव्य है कि वह अपने बच्चों को धर्म और सत्य के मार्ग पर अग्रसर करे, जिससे वे जीवन में सफलता प्राप्त कर माता-पिता का नाम रोशन कर सकें। कथावाचक ने भक्त प्रहलाद की कथा का वर्णन करते हुए बताया कि कैसे हिरण्यकश्यप ने अपने पुत्र को भगवान विष्णु का नाम ...