श्रीमद्भागवत कथा में पाप-पुण्य और भक्ति का महत्व बताया
औरैया, मई 24 -- कंचौसी, संवाददाता। कंचौसी क्षेत्र के घसापुरवा गांव में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन रविवार को कथावाचक आचार्य सतीश भाई जी ने श्रद्धालुओं को पाप-पुण्य और भक्ति का महत्व बताया। कथा सुनने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।कथावाचक ने कहा कि मनुष्य द्वारा किए गए पाप और पुण्य का फल उसे इसी जीवन में प्राप्त होता है। व्यक्ति अपने कर्मों के माध्यम से ही सुख और दुख का अनुभव करता है। उन्होंने कहा कि संसार में भक्ति, ज्ञान और वैराग्य जीवन की तीन महत्वपूर्ण त्रिवेणी हैं, जिनसे सीख लेकर मनुष्य को आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने राजा परीक्षित का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि जिस प्रकार उन्हें सात दिन में मृत्यु लोक जाने का श्राप मिला था, उसी प्रकार मनुष्य के कर्मों का हिसाब भी परमात्मा द्वारा इसी युग में किया जाता है। यह भी पढ़ें- श्र...
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