अमरोहा, जून 9 -- हसनपुर। नगर के अस्पताल रोड के नजदीक आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के प्रथम दिन कथा व्यास आचार्य पंडित शिव शंकर भारद्वाज ने शुकदेव आगमन की कथा सुनाई। परीक्षित जन्म का वृतांत भी सुनाया। बताया कि पांडवों के पुत्र अर्जुन, अर्जुन के पुत्र अभिमन्यु, अभिमन्यु की पत्नी उत्तरा, जो राजा विराट की पुत्री थी।युद्ध में गुरु द्रोण के मारे जाने से क्रोधित होकर उनके पुत्र अश्वत्थामा ने पांच पांडवों को मारने के लिए ब्रह्मास्त्र चलाया, लेकिन वह पांडव न होकर द्रोपदी के पांच पुत्र थे। जानबूझकर चलाए गए इस अस्त्र से उन्होंने उत्तरा को अपना निशाना बनाया। अभिमन्यु की पत्नी उत्तरा उस समय गर्भवती थी। यह भी पढ़ें- श्रीमद्भागवत कथा में परीक्षित जन्म का वृतांत सुनाया बाण लगने से उत्तरा का गर्भपात हुआ और गर्भपात होने से परीक्षित का जन्म हुआ। कथा व्यास ने भजन...