उरई, मार्च 15 -- जालौन। नगर के एकमात्र सरस्वती मंदिर पर आयोजित साप्ताहिक श्रीमद्भागवत कथा के छठवें दिन कथा व्यास बजरंगी महाराज ने गोवर्धन पूजा का वर्णन किया। भागवताचार्य बजरंगी महाराज ने कहा कि भगवान कृष्ण अपनी सखाओं और गोप-ग्वालों के साथ गोवर्धन पर्वत पर गए थे। वहां पर गोपिकाएं 56 प्रकार का भोजन रखकर नाच गाने के साथ उत्सव मना रही थीं। कृष्ण के पूछने पर उन्होंने बताया कि आज के ही दिन देवों के स्वामी इंद्र का पूजन होता है। इसे इंद्रोज यज्ञ कहते हैं। इससे प्रसन्न होकर इंद्र व्रज में वर्षा करते हैं, जिससे प्रचुर अन्न पैदा होता है। भगवान कृष्ण ने कहा कि इंद्र में क्या शक्ति है। उनसे अधिक शक्तिशाली तो हमारा गोवर्धन पर्वत है। इसके कारण ही वर्षा होती है, इसलिए हमें इंद्र से बलवान गोवर्धन की पूजा करनी चाहिए। इस मौके पर पुजारी हृदेशनारायण मिश्रा, ...