रामपुर, फरवरी 16 -- रामपुर। श्रीमद्भागवत कथा यज्ञ समिति के तत्वाधान में आवास विकास कॉलोनी स्थित श्री नर्मदेश्वर महादेव मंदिर गंगा मंडप में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के तीसरे दिन कथावाचक भागवत भूषण पंडित देवव्रत शुक्ल महाराज ने भक्तों को बताया कि श्रीमद् भागवत कथा एक कल्पवृक्ष की भांति है ,जिसके नीचे बैठकर मानव की हर इच्छापूर्ण जाती है। उसी प्रकार श्रीमद् भागवत कथा सुनने मात्र से ही जीव की समस्त इच्छाएं पूर्ण हो जाती है। व्यास जी ने संत पुरुषों का वर्णन करते हुए कहा कि मानव को कभी संतों का अपमान नहीं करना चाहिए संत सेवा से ही मानव की कर्म विधि में परिवर्तन आता है। जिस प्रकार आत्मदेव नामक ब्राह्मण को संत सेवा से गोकर्ण जैसा पुत्र प्राप्त हुआ जिसके द्वारा धुंधकारी जैसे पिशाच आत्मा को भागवत सुनवाकर पिशाच योनि से मुक्त कराया गया शिव के विवाह का...