श्रीमद्भागवत कथा परमात्मा का अक्षर स्वरूप: आचार्य
इटावा औरैया, जून 2 -- बकेवर। लवेदी क्षेत्र के नन्दगवां गांव के मजरा रामगढ़ में चल रही सात दिवसीय संगीतमय भागवत में कथा वाचक आचार्य पं इन्द्रेश शास्त्री ने पहले दिन भागवत कथा का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि मृत्यु को जानने से मृत्यु का भय मन से मिट जाता है, जिस प्रकार परीक्षित ने भागवत कथा का श्रवण कर अभय को प्राप्त किया, वैसे ही भागवत जीव को अभय बना देती है। आचार्य ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा परमात्मा का अक्षर स्वरूप है। यह परमहंसों की संहिता है, भागवत कथा हृदय को जागृत कर मुक्ति का मार्ग दिखाता है। अधिक मास में इसके श्रवण का महत्व है। भागवत कथा भगवान के प्रति अनुराग उत्पन्न करती है। यह ग्रंथ वेद, उपनिषद का सार रूपी फल है। यह कथा रूपी अमृत देवताओं को भी दुर्लभ है। इस मौके पर ग्रामीणों के द्वारा कथावाचक का माल्यार्पण करके स्वागत भी किया। वह...
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