दुमका, मार्च 14 -- मसलिया के तिलाबाद गांव में चल रहे सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का दूसरा दिन शुक्रवार देर शाम को बृंदावन से आए हुए कथावाचक ब्रम्हानंद ने उपस्थित श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत का महत्व को बताया। उन्होंने श्रीमद्भागवत को कल्पतरु बृक्ष का पका हुआ फल बताया। कहा जो सुखदेव गोस्वामी रूपी तोता द्वारा चखा हुआ फल जिसके श्रवण से जीवन मे मधुर आनंद ही आनंद मिलता है। उन्होंने आगे कहा कि श्रीमद्भागवत कथा को सुन कर मोक्ष की प्राप्ति होती है। जीवन मे सभी प्रकार के कष्ट एवं पापों से मुक्ति मिलती है। उन्होंने आगे ध्रुव चरित्र का बड़े ही सुंदर से वर्णन करते हुए बताया कि ध्रुव चरित्र पांच वर्षीय ध्रुव की भगवान के प्रति अटूट भक्ति, दृढ़ संकल्प और बिष्णु कृपा की अमर कथा है। ध्रुव को सौतेली मां द्वारा पिता के गोद से अपमानित होकर निकाले जाने पर माता ...
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