खगडि़या, अप्रैल 17 -- परबत्ता । एक प्रतिनिधि श्रीमद्भागवत कथा के श्रवण से मोक्ष की होती प्राप्ति होती है। यह बातें प्रखंड के उमानाथ मंदिर मड़ैया के प्रांगण में आयोजित श्रीमद भागवत कथा के दूसरे दिन गुरुवार को वृंदावन से पधारे कथा वाचक स्वामी देवदूबे महाराज नहीं कही। उन्होंने श्रीमद भागवत कथा श्रवण की महत्ता पर प्रकाश ड़ालते हुए कहा कि जब अश्वत्थामा ने क्रोधवश अभिमन्यु की गर्भवती पत्नी उत्तरा के गर्भ पर ब्रह्मास्त्र चलाया तब भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी दिव्य शक्ति से गर्भ में पल रहे बालक परीक्षित की रक्षा की। इस प्रकार परीक्षित जन्म से ही भगवान की विशेष कृपा के पात्र बने। यह भी पढ़ें- सुदामा चरित्र व परीक्षित मोक्ष प्रसंग सुन भावविभोर हुए श्रद्धालु इसके बाद परीक्षित का शाप प्रसंग का वर्णन किया गया। वन में प्यास और थकान से व्याकुल होकर राजा परीक्ष...
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