संभल, अप्रैल 1 -- गणेश कॉलोनी की गली नंबर 10 में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन मंगलवार को वृंदावन से पधारे स्वामी ओमप्रकाश महाराज ने पांडव चरित्र एवं राजा परीक्षित के जन्म प्रसंग का विस्तृत वर्णन किया। महाराज ने बताया कि महाभारत के अनुसार पांडव हस्तिनापुर के राजा पांडु के पांच पुत्र-युधिष्ठिर, भीम, अर्जुन, नकुल और सहदेव थे, जिनका जन्म कुंती और माद्री ने देवताओं के आह्वान से प्राप्त वरदान के रूप में किया था। उन्होंने बताया कि पांडव धर्म, सत्य, साहस और एकता के प्रतीक माने जाते हैं, जिन्होंने कौरवों को पराजित कर धर्म की स्थापना की। उन्होंने प्रत्येक पांडव के गुणों का वर्णन करते हुए कहा कि युधिष्ठिर सत्य और धर्म के प्रतीक थे, भीम अपनी अपार शक्ति और साहस के लिए प्रसिद्ध थे, अर्जुन श्रेष्ठ धनुर्धर और भगवान श्रीकृष्ण के परम भक्त थे। वहीं ...