भागलपुर, अप्रैल 25 -- कहलगांव, निज प्रतिनिधि श्रीमद्भागवत कथा केवल एक धार्मिक कथा नहीं बल्कि आत्मिक जागरण का महायज्ञ है। इसके श्रवण से पापों का नाश होता है, मन को शांति मिलती है और चित्त प्रसन्न रहता है। यह बातें कहलगांव प्रखंड के नंदलालपुर पंचायत अंतर्गत देवीपुर स्थित शिव मंदिर परिसर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के प्रथम दिन कथा वाचिका पूर्ति किशोरी ने कही।उन्होंने कथा की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भगवान का स्वरूप सत्, चित् और आनंद से परिपूर्ण है। वे सच्चिदानंद स्वरूप हैं, जो समस्त विश्व के सृजन, पालन और संहार के हेतु हैं। उनके पवित्र चरणों की शरण ग्रहण करने से जीवन धन्य हो जाता है।कथा यह भी पढ़ें- गोवर्धन पूजा व माखन चोरी लीला से भावविभोर हुए श्रद्धालु वाचिका ने कहा कि भगवान की कथा अमृत के समान है, जिसके श्रवण से परम कल्याण की प्र...
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