मथुरा, फरवरी 26 -- गांधी मार्ग स्थित श्रौतमुनि निवास आश्रम में आयोजित 86वें होली महोत्सव के अंतर्गत हो रही श्रीमद्भागवत कथा में बुधवार को व्यासपीठ से भागवताचार्य अनिरुद्धाचार्य महाराज ने कहा कि भगवान की शरण में जाने से भगवान जीव के पास आते हैं। भगवान अपने भक्तों की रक्षा बहुत अच्छे से करते हैं। उन्होंने बताया कि श्रीमद्भागवत कलयुग में मानव मुक्ति का अत्यंत महत्वपूर्ण और संभवतः एक मात्र साधन है। चारों वेद, 18 पुराणों में वर्णित भक्ति, ज्ञान, वैराग्य और त्याग समाहित होने से इस महान ग्रन्थ श्रीमद भागवत महापुराण को पंचम वेद माना गया है। इससे पूर्व वैदिक मंत्रोच्चारण के मध्य श्रीमद्भागवत एवं कथा व्यासपीठ का पूजन महामंडलेश्वर स्वामी भास्करानंद, स्वामी वेदानंद, स्वामी अद्वैतमुनि, स्वामी देवादास, सुभाष अग्रवाला, सुभद्रा अग्रवाला ने किया। इस अवसर ...
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