जौनपुर, अप्रैल 9 -- नौपेड़वा (जौनपुर), हिन्दुस्तान संवाद। स्थानीय बाजार में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद भागवत कथा का समापन बुधवार की रात हुआ। महेश मोदनवाल के आवास परिसर में कथा के विश्राम दिवस पर कथा व्यास आचार्य डॉ. जयेश मिश्र ने कहा कि श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता समाज के लिए अनुकरणीय है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम मर्यादा पुरुषोत्तम तो श्रीकृष्ण लीला पुरुषोत्तम कहलाए। उन्होंने कहा की श्रीकृष्ण व श्रीराम के काल में बहुत अंतर है। श्रीराम ने जो किया वह अनुकरणीय है परन्तु श्रीकृष्ण ने जो किया वह आदरणीय है। आचार्य जयेश ने कहा कि परमात्मा को हम मजबूरी में याद करतें हैं, परन्तु उसी परमात्मा से हम चाहते ज्यादा है। उन्होंने कहा कि द्रोपदी की दीनता, प्रहलाद की प्रार्थना एवं कलि की गुहार सुन भगवान नंगे पैरों दौड़े चले आये। उन्होंने लोगो को सीख दे...