बाराबंकी, मार्च 16 -- सैदनपुर। भगवान श्रीकृष्ण ने समस्त संसार के सामने सुदामा को गले लगाकर मित्रता की अद्भुत मिसाल पेश किया। जब तक सूरज चांद रहेगा तब तक भगवान श्री कृष्ण और सुदामा की मित्रता अमर रहेगी। यह बात ग्राम खजुरिहा गांव में गोविंद प्रसाद पाण्डेय के यहां चल रही श्रीमद् भागवत कथा प्रसंग के दौरान कथा व्यास पं रमेश दास मिश्रा ने कही। उन्होंने कहा कि सुदामा एक निर्धन ब्राह्मण थे। पत्नी के आग्रह पर वे भगवान श्री कृष्ण से मिलने द्वारिकापुरी को गए। जहां पर द्वारपालों ने उनकी वेशभूषा को देखकर उन्हें रोक लिया। भगवान श्रीकृष्ण को जब यह बात मालूम हुई तो वे नंगे पैर दौड़ते आए और उन्होंने समस्त संसार के सामने सुदामा को गले लगाकर मित्रता की अद्भुत मिशाल पेश किया। साथ ही साथ सुदामा के बिना मांगे ही भगवान श्री कृष्ण ने उन्हें सब कुछ दे दिया। इस प्र...