लखनऊ, फरवरी 27 -- बीकेटी स्थित 51 शक्तिपीठ मंदिर में श्रीमद भागवत कथा के दौरान शुक्रवार को श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह धूमधाम से मनाया गया। भगवान श्रीकृष्ण व रुक्मिणी के विवाह में कई भक्तों ने कन्यादान की रस्म निभाई। इस अवसर पर महिलाओं ने भजन और मनोहारी नृत्य प्रस्तुत किया। कथा व्यास कौशिक चैतन्य जी महराज ने कहा कि इस मानव जीवन को सफल करने के लिए किसी सदगुरू के सानिध्य में रहना अति आवश्यक है। एक अच्छा सच्चा सदगुरू अपने शिष्य के मनोविकारों को दूर करता है। जूना अखाड़ा के वरिष्ठ महामंडलेश्वर स्वामी यतींद्रानंद गिरी जी महाराज ने कहा कि धर्म हमारी रक्षा करता है। धर्म है तो देश है, समाज है। इसलिए धर्म और संस्कृति से जुड़कर रहिए। देश बड़ी विषम परिस्थितियों में उलझ रहा है।
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