श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह प्रसंग का हुआ भावपूर्ण वर्णन
कन्नौज, जून 9 -- छिबरामऊ। ग्राम थानपुर स्थित मौजीजी बाबा मंदिर परिसर में ग्राम सभा के सहयोग से आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के छठवें दिन श्रद्धालुओं ने श्रीकृष्ण और रुक्मिणी विवाह के आनंदमयी प्रसंग का रसपान किया। कथा व्यास शास्त्री पीयूष जी ने बताया कि विदर्भ की राजकुमारी रुक्मिणी भगवान श्रीकृष्ण के गुणों, पराक्रम और दिव्य स्वरूप से प्रभावित होकर उन्हें अपना पति मान चुकी थीं। वहीं उनके भाई रुक्मी ने उनका विवाह शिशुपाल से कराने का निर्णय लिया था। यह जानकर रुक्मिणी ने एक ब्राह्मण के माध्यम से श्रीकृष्ण को संदेश भेजा। संदेश प्राप्त होते ही श्रीकृष्ण विदर्भ पहुंचे और रुक्मिणी का हरण कर उन्हें अपने साथ ले गए। बाद में दोनों का विधि-विधान से विवाह संपन्न हुआ। कथा के दौरान श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का श्रवण कर भाव-विभोर हो उठे। इस अवसर पर पर...
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